*न्यू एमपी न्यूज़ रामपुरा मध्यप्रदेश*
*'सफेद जहर' की फैक्ट्री*... खेतों के बीच टीन शेड का छपरा... और अंदर चल रहा था मौत का काला कारोबार!
मध्य प्रदेश का मंदसौर जिला अब नशा तस्करों का सबसे बड़ा हब बन गया था। लेकिन अब खाकी ने इन सौदागरों की कमर तोड़ने की कसम खा ली है। *IPS विनोद कुमार मीणा* के 11 महीने के कार्यकाल में मंदसौर पुलिस ने नशा माफियाओं की जड़ों में ऐसा मट्ठा डाला है कि तस्करों के होश उड़ गए हैं।
अब तक एक दर्जन से ज्यादा ठिकाने ध्वस्त करने के बाद पुलिस ने एक और *'एमडी ड्रग्स फैक्ट्री'* पर सर्जिकल स्ट्राइक कर करोड़ों का काला खेल बेनकाब कर दिया है।
*आधी रात 'ऑपरेशन मानपुरा': 3 थानों की फोर्स ने ध्वस्त किया ड्रग्स का अड्डा*
मामला सीतामऊ थाना क्षेत्र के मानपुरा गांव का है। बड़ावदी रोड पर सन्नाटे में एक टीन शेड की गुमटी में तस्करों ने नशे की नई "मौत की लैब" तैयार की थी।
तस्करों को लगा वे पुलिस की नजर से दूर हैं, लेकिन *एसपी विनोद कुमार मीणा* की स्पेशल टीम को भनक लग गई।
*निरीक्षक अनिल रघुवंशी, निरीक्षक कमलेश प्रजापति, SI कपिल सौराष्ट्रीय, SI विकास गेहलोत* और तीन थानों की टीम ने आधी रात धावा बोल दिया।
*बड़ी जब्ती: 3 क्विंटल जहरीला केमिकल*
पुलिस ने मौके से करीब *300 किलो जहरीला केमिकल* जब्त किया। अगर ये केमिकल एमडी ड्रग्स में तब्दील हो जाता तो न जाने कितने युवाओं की जिंदगी बर्बाद हो जाती।
*खेतों के बीच 'गुप्त कमरे': ऐसे फैला था नेटवर्क*
मंदसौर में एमडी यानी मेफेड्रोन का ये काला जाल सिर्फ एमपी तक सीमित नहीं है। इसके तार *राजस्थान, जावरा, रतलाम और प्रतापगढ़* तक जुड़े हैं।
शातिर तस्कर पुलिस से बचने के लिए सुदूर ग्रामीण इलाकों में खेतों के बीच कूनों और छोटे कमरों में केमिकल मिक्सिंग और रिफाइनिंग कर रहे थे।
*पिछले कुछ महीनों के सबसे बड़े खुलासे:*
*1. ग्राम लसुड़िया इला - CBN की रेड*
21 करोड़ की ड्रग्स फैक्ट्री पकड़ी। *21 किलो तैयार MD* और *30 लीटर केमिकल* जब्त।
*2. गरोठ, पावटी गांव - जुलाई 2026*
खेत के बाड़े में चल रही फैक्ट्री पर छापा। *173 ग्राम MD* और *24.5 किलो हाइड्रोक्लोरिक एसिड व MMA केमिकल* जब्त।
*3. नई आबादी थाना, बाजखेड़ी - जून 2026*
फार्म हाउस के बीच पकड़ी गई फैक्ट्री। *13 किलो MD पाउडर* बरामद।
*4. नाहरगढ़ और गरोठ, सुरजनी*
नाहरगढ़ में *20 करोड़ की ब्राउन शुगर* का पर्दाफाश।
*"तस्करों सुनो... मंदसौर छोड़ दो या जेल जाओ!"*
मंदसौर पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई से अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट में हड़कंप है। *IPS विनोद मीणा* की अगुवाई में लगातार तीसरे-चौथे बड़े भंडाफोड़ ने साफ कर दिया कि खाकी अब किसी को बख्शने के मूड में नहीं है।
अब सबसे बड़ा सवाल: इतने बड़े पैमाने पर केमिकल की सप्लाई इन दूर-दराज गांवों तक कौन पहुंचा रहा था?
पुलिस आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है और जल्द ही कुछ और बड़े नामों का खुलासा हो सकता है।
*तस्करों को मंदसौर पुलिस की चेतावनी*
*"तस्करों सुनो - मंदसौर छोड़ दो या जेल जाओ!"*



