रामपुरा/नीमच: गत दिनों नीमच जिले के रामपुरा नगर परिषद बस स्टैंड पर अवैध रूप से गुमटियां रखने और हरे-भरे पेड़ काटने के जो आरोप लगाए जा रहे थे, वे पड़ताल के बाद पूरी तरह निराधार और भ्रामक साबित हुए हैं।
मीडिया टीम द्वारा जब मौके पर पहुंचकर मामले की धरातली जांच की गई और स्थानीय व्यापारियों से पूछताछ की गई, तो सच कुछ और ही निकलकर सामने आया।
क्या है सच्चाई?
सुरक्षित लहरा रहा है हरा पेड़: खबरों में जिस हरे पेड़ को काटने का दावा किया जा रहा था, वह बस स्टैंड के दक्षिण-पश्चिम दिशा में आज भी पूरी तरह सुरक्षित और लहलहा रहा है।
काटा गया पेड़ सूखा था: जिस पेड़ की कटाई हुई थी, उसकी स्थिति बस स्टैंड के दक्षिण-पूर्व दिशा में है और वह पेड़ पिछले कई वर्षों से पूरी तरह सूखा हुआ था।
ऑटो टैक्सी स्टैंड का सच: लघु व्यापारियों की गुमटियों को लेकर दावा किया जा रहा था कि उन्हें ऑटो टैक्सी स्टैंड की जगह पर रखा गया है। हालांकि, स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का कहना है कि उस स्थान पर कभी कोई ऑटो या टैक्सी खड़ी ही नहीं होती थी।
इनका कहना:-
"मामले की जानकारी प्राप्त हुई है, जल्द ही इसे परिषद की आगामी बैठक में रखा जाएगा।"
— नंदलाल प्रजापति, मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ), रामपुरा
"रामपुरा एक डूब प्रभावित क्षेत्र है। नगर परिषद की हमेशा यही सोच रहती है कि आम जनता और छोटे व्यापारियों को रोज़ी-रोटी कमाने तथा लघु व्यापार करने का उचित अवसर मिले।"
— अध्यक्ष प्रतिनिधि, नगर परिषद रामपुरा


