खोजी ख़बर / रामपुरा/नीमच:

क्या नीमच जिले की रामपुरा तहसील अंतर्गत ग्राम चचोर में स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय किसी सरकारी तंत्र से संचालित हो रहा है या यह किसी की निजी जागीर बन चुका है? जिला शिक्षा विभाग नीमच की मेहरबानी और लचर कार्यशैली के चलते यह विद्यालय लगातार सुर्खियों में है। आलम यह है कि यहाँ पढ़ाई छोड़कर वह सब कुछ हो रहा है, जो एक शिक्षा मंदिर की साख को बट्टा लगाता है।

आखिर क्या है चचोर हायर सेकंडरी स्कूल का पूरा सच? आइए जानते हैं इस सनसनीखेज रिपोर्ट में:

1. उच्च अधिकारियों के आदेशों की धज्जियाँ: DEO का आदेश भी बेअसर!

जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) नीमच द्वारा करीब 20 दिन पूर्व ही जिले में चल रही सभी अटैचमेंट व्यवस्थाओं को रद्द करने के स्पष्ट आदेश जारी किए गए थे। आदेश के अनुसार सभी शिक्षकों को उनकी मूल पदस्थापना (यथा स्थिति) पर लौटने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन चचोर हायर सेकंडरी स्कूल में इस आदेश को रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया। यहाँ अभी तक DEO के आदेश का पालन नहीं किया गया है। मनमाने तरीके से उच्च स्तरीय अधिकारियों के आदेशों की खुलेआम अवहेलना की जा रही है, जिससे तंत्र की लाचारी साफ झलकती है।

2. प्रोबेशन पीरियड वाले शिक्षक पर 'त्रिस्तरीय' मेहरबानी!

शिक्षा विभाग के पास क्या योग्य और अनुभवी शिक्षकों का अकाल पड़ गया है? नियमों को ताक पर रखकर एक अयोग्य और परिवीक्षा अवधि (Probation Period) काट रहे शिक्षक को ही प्राचार्य का पदभार सौंप दिया गया। इतना ही नहीं, उन्हें दो और बड़ी जिम्मेदारियों के प्रभार भी थमा दिए गए। किसके आदेश और किन नियमों के तहत एक ही प्रोबेशनरी शिक्षक को 3-3 महत्वपूर्ण प्रभार दिए गए हैं? ताज्जुब की बात तो यह है कि इन 'कागजी प्राचार्य' महोदय को यह तक नहीं पता कि उनके संकुल के अंतर्गत कितने ग्रामों के विद्यालय आते हैं!

3. परिजनों को 'इमोशनल ब्लैकमेल' और खुली धमकियाँ!

विद्यालय में विद्यार्थियों के साथ अभद्रता और छेड़छाड़ की शिकायत सामने आने पर मामला सुलझाने के बजाय उसे दबाने का खेल खेला गया। दो दिन पूर्व, अयोग्य प्राचार्य ने बिना किसी पूर्व सूचना के छात्र-छात्राओं के परिजनों को बुलाया और उन पर दबाव बनाते हुए इमोशनल ब्लैकमेल किया तथा धमकियाँ दीं। सवाल यह उठता है कि क्या यह विद्यालय किसी की निजी संपत्ति है जहाँ शिकायतकर्ताओं को ही डराया-धमकाया जा रहा है?

4. "AI वीडियो वायरल कर दूंगा..." – शिक्षक की सनसनीखेज धमकी!

विद्यालय में डर का माहौल इस कदर हावी है कि एक शिक्षक 12वीं आर्ट्स के विद्यार्थियों को यह कहकर धमका रहे हैं: “मैं पुलिस विभाग से आया शिक्षक हूँ, अगर मेरी शिकायत की तो तुम्हारे AI वीडियो बनाकर वायरल कर दूँगा और IT क्लास में कोई नहीं जाएगा।” विद्यार्थियों में इस खुली धमकी से भारी दहशत है।

5. धार्मिक और संस्कारी प्रतीक चिन्ह उतरवाने की सनक!

संस्कारों की बात करने वाले विद्यालय में विद्यार्थियों के धार्मिक और संस्कारी प्रतीक चिन्ह जबरन उतरवाए जा रहे हैं। आखिर किस अधिकारी या किसके आदेश पर विद्यार्थियों की आस्था और धार्मिक पहचान को निशाना बनाया जा रहा है?

6. दागी चरित्र को शरण और 'मान्यता शुल्क' का काला सच!

गत सत्र में जिस व्यक्ति पर छेड़छाड़ के संगीन आरोप लगे थे, उसे ही अतिथि शिक्षक के रूप में नियुक्ति दे दी गई। इतना ही नहीं, एक शासकीय विद्यालय में "मान्यता" शुल्क वसूलने का क्या राज़ है? क्या चचोर हायर सेकंडरी स्कूल शासकीय है या इसे निजी तौर पर चलाया जा रहा है?

7. साइंस और मैथ्स की पोस्ट का अकाल!

छात्रों की पर्याप्त संख्या (Student Requirement) होने के बावजूद विद्यालय में साइंस और मैथ्स जैसे महत्वपूर्ण विषयों की पोस्ट्स अब तक क्रिएट नहीं की गई हैं, जिससे विद्यार्थियों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है।

बड़ा सवाल: कब जागेगा जिम्मेदार प्रशासन?

क्या जिला शिक्षा विभाग नीमच और जिले के जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी इस विद्यालय का रुख करेंगे? क्या अधिकारी विद्यार्थियों के मित्र और संरक्षक बनकर उनके मन की कसक जानेंगे या फिर किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है?

क्षेत्रीय जनता और अभिभावकों की मांग है कि DEO के आदेश का पालन न करने वाले और स्वेच्छाचारिता फैलाने वाले जिम्मेदार अधिकारियों/शिक्षकों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए!