रामपुरा/नीमच: विकास की बड़ी बड़ी बातें और डिजिटल इंडिया के दावे सहित जिला कलेक्टर के सख़्त आदेश के बीच, नीमच जिले की रामपुरा तहसील की ग्राम पंचायत देवरान का मोलकी गाँव आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है। यहाँ भ्रष्टाचार इस कदर हावी है कि, ग्रामीणों का जीना दूभर हो गया है।
बात करें ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल की तो 1 से 2 किलोमीटर दूर से लाना पड़ता हैं, नाम के लिए मोलकी गाँव में 2 शासकीय कुएं तो हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही बयां करती है। एक कुएं में भराव की मिट्टी की अभी तक सफाई नहीं होने से वह किसी काम का नहीं, तो वहीं दूसरे कुएं की हालत तो और भी भयावह है।
इसे मौत का कुंआ कहना अतिश्योक्ति नहीं होगा, यह सड़क किनारे तालाब में स्थित हैं , साथ ही कुएं के अंदर विगत 1 माह से मरी हुई मछलियों का अंबार लगा हुआ है, जिससे उठती सड़न और बदबू ने राहगीरों सहित आसपास के लोगों का रहना मुश्किल कर दिया है। भयंकर दुर्गंध के कारण गाँव में हर वक्त महामारी फैलने का खतरा मंडरा रहा है।
सिर्फ महामारी ही नहीं, यह खंडहर हो चुका कुआं मौत को दावत भी दे रहा है। खुले और जर्जर कुएं के पास से मुख्य सड़क गुजरने से मासूम स्कूली बच्चों और राहगीरों तथा वाहनों का रात दिन गुजरना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा है।
वहीं, गांव की कीचड़ भरी बिना नालियों की कच्ची सड़के कागजों में बनी सी सी सड़कों की कहानी बयान कर रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि, सरपंच साहब चुनाव के समय बड़ी बड़ी बातें कर वोट तो मांग ले गए, लेकिन चुनाव जीतने के बाद आज तक अपनी शक्ल नहीं दिखाई। सचिव और सरपंच की यह गहरी लापरवाही, पूरे गाँव को असुविधाओं के अंधेरे में धकेल रही है।
नल जल योजना के नाम पर केवल टूटे फूटे नल के केवल नीले पाइप नजर आ रहें हैं।
वहीं जब उक्त मामले में ग्राम पंचायत देवरान के सरपंच एवं सचिव से संपर्क किया गया, तो अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते नज़र आए।
आखिर कब मोलकी गाँव के ग्रामीणों की फरियाद शासन प्रशासन के कानों तक पहुंचेगी, या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहा है।
यह एक विचारणीय सवाल हैं।