*सिंगोली, नीमच*

*परिजनों का आरोप - बिना जांच इंजेक्शन-ड्रिप चढ़ाई, रास्ते में छोड़कर भागा डॉक्टर*  
*स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच और मुआवजे की मांग की*

सिंगोली क्षेत्र में कथित गलत इलाज के कारण 14 वर्षीय बच्चे की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश है और लोगों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

#### *क्या है पूरा मामला*
सूत्रों के अनुसार सिंगोली निवासी 14 वर्षीय अंसार पुत्र सैय्यद को 8 जुलाई को हाथ-पैर में दर्द और हल्का बुखार था। परिजन उसे इलाज के लिए सिंगोली स्थित एक निजी क्लिनिक ले गए। 

परिजनों का आरोप है कि वहां बिना किसी आवश्यक जांच के बच्चे को सीधे इंजेक्शन और ड्रिप लगा दी गई। आरोप है कि उपचार के बाद अंसार की तबीयत और बिगड़ गई।

#### *रास्ते में छोड़कर भागने का आरोप*
आन-फानन में बच्चे को भीलवाड़ा रेफर किया गया। परिजनों का कहना है कि क्लिनिक का संबंधित डॉक्टर भी साथ गया था, लेकिन रास्ते में ही उतर गया। भीलवाड़ा पहुंचने पर अस्पताल के डॉक्टरों ने पहले किए गए इलाज का रिकॉर्ड मांगा, लेकिन कथित तौर पर कोई लिखित दस्तावेज नहीं मिला। फोन पर डॉक्टर से संपर्क करने की कोशिश भी नाकाम रही।

भीलवाड़ा के डॉक्टरों ने बच्चे को बचाने के भरसक प्रयास किए, लेकिन उपचार के दौरान अंसार की मौत हो गई।

#### *क्षेत्र में आक्रोश, जांच की मांग*
घटना के बाद सिंगोली में गुस्से का माहौल है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि:
1.  मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
2.  यदि लापरवाही या गैरकानूनी चिकित्सा साबित होती है तो दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
3.  मृतक के गरीब परिवार को उचित आर्थिक सहायता/मुआवजा दिया जाए।

सूत्रों के हवाले से यह भी आरोप लगा है कि क्षेत्र में कथित "झोलाछाप" डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई न होने के पीछे कुछ अधिकारियों की मिलीभगत हो सकती है। हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।