नीमच: 25जून, मध्यप्रदेश अंतर्गत नीमच के कलेक्टर कार्यालय में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक राकेश राठौर और अधीक्षक हरीश राठौर को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है।
लोकायुक्त डीएसपी दिनेशचंद्र पटेल द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता कुर्दुला एक्का, महिला अधीक्षिका जूनियर कन्या छात्रावास कुकड़ेश्वर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि, छात्रावास संचालन में अनियमितताओं के चलते जिला कलेक्टर ने उन्हें निलंबित कर विभागीय जांच शुरू की गई थी। जांच में सहयोग करने तथा उनका लंबित वेतन जारी कराने के नाम पर जिला संयोजक राकेश राठौर और छात्रावास अधीक्षक हरीश चौहान द्वारा 1 लाख 25 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी।शिकायत प्राप्त होने के पश्चात लोकायुक्त टीम ने मामले का सत्यापन किया। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की गई। तय रणनीति के अनुसार शिकायतकर्ता द्वारा रिश्वत की राशि आरोपियों तक पहुंचाई गई। जैसे ही अधिकारी ने राशि स्वीकार की, पहले से निगरानी कर रही लोकायुक्त टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया, कार्रवाई दौरान एक लाख रुपये की रिश्वत राशि हरीश चौहान की पैंट की दाहिनी जेब से बरामद की गई। पश्चात इसके आरोपि के हाथ धुलवाने सहित अन्य तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी कर मौके पर पंचनामा तैयार किया गया।
इस कार्रवाई के बाद विभागीय कार्यालय में हड़कंप मच गया है। लोकायुक्त की टीम फिलहाल आरोपियों से पूछताछ कर रही है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है। इस मामले में आगे की विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है।
बता दे कि, जिला संयोजक राकेश राठौर का हाल ही में झाबुआ स्थानांतरण हो चुका है, लेकिन नीमच विभाग से विदाई से पहले ही रिश्वतखोरी का यह मामला सामने आने से पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।


