नीमच। जिले की रामपुरा तहसील के जंन्नोद क्षेत्र स्थित एक आंगनबाड़ी केंद्र से सामने आई जानकारी ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। आरोप है कि केंद्र में आने वाले मासूम बच्चों के साथ अनुचित व्यवहार किया जा रहा है और छोटी-छोटी बातों पर उन पर गुस्सा निकाला जा रहा है। यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि मानवता को शर्मसार करने वाला मामला भी माना जाएगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के पोषण, शिक्षा और सुरक्षित वातावरण के लिए बनाए गए हैं, लेकिन यहां कुछ बच्चों के साथ कठोर व्यवहार किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। मासूम बच्चे, जो स्नेह और देखभाल की अपेक्षा लेकर केंद्र पहुंचते हैं, उनके साथ कथित रूप से ऐसा व्यवहार किया जा रहा है जिससे उनके मानसिक विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
ग्रामीणों और अभिभावकों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए संबंधित अधिकारियों से हस्तक्षेप करने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि किसी कर्मचारी द्वारा बच्चों के साथ दुर्व्यवहार किया गया है, तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई होना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
बाल संरक्षण विशेषज्ञों के अनुसार, आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यरत कर्मचारियों की जिम्मेदारी केवल बच्चों को पोषण उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित, प्रेमपूर्ण और सकारात्मक वातावरण देना भी है। बच्चों के साथ किसी भी प्रकार का अपमानजनक या कठोर व्यवहार स्वीकार्य नहीं हो सकता।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और जांच के बाद क्या तथ्य सामने आते हैं। क्षेत्र के लोगों की नजरें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।