नीमच 12 सितम्‍बर 2026, कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के निर्देशन एवं पशुपालन विभाग के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना ग्रामीण पशुपालकों के लिए स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन रही है। ग्राम चुकनी, विकासखंड मनासा निवासी श्री सुनील पिता गोपाल बंजारा ने योजना का लाभ लेकर अपने डेयरी व्यवसाय को आगे बढ़ाया है।

 श्री सुनील बताते हैं, कि मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना के तहत मुझे हरियाणा से दो भैंसें मिलीं। दोनों भैंसों की इकाई लागत 2 लाख 95 हजार रुपये थी, जिसमें मुझे 1 लाख 47 हजार 500 रुपये का अनुदान मिला। योजना का लाभ मिलने से मुझे अपना डेयरी व्यवसाय बढ़ाने का अवसर मिला।

 वे बताते हैं कि पशुपालन विभाग के अधिकारियों द्वारा मुझे भैंसों की देखभाल, उन्नत पशुपालन तकनीक और नस्ल सुधार के बारे में भी मार्गदर्शन दिया गया। इस मार्गदर्शन से मुझे पशुओं का बेहतर प्रबंधन करने में काफी मदद मिली।

 श्री सुनील के अनुसार, वर्तमान में दोनों भैंसों से करीब 16 लीटर दूध प्रतिदिन मिल रहा है। दूध बेचकर मुझे लगभग 800 रुपये प्रतिदिन और करीब 24 हजार रुपये प्रतिमाह की आय हो रही है। इससे मेरे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और पशुपालन हमारे लिए आय का अच्छा जरिया बन गया है।

, वे आगे बताते हैं, कि अब मैं पशुपालन विभाग के मार्गदर्शन में नस्ल सुधार पर भी ध्यान दे रहा हूं। मेरा प्रयास है कि घर पर ही अच्छी नस्ल की मुर्रा भैंस तैयार कर सकूं, जिससे आने वाले समय में दुग्ध उत्पादन और आय दोनों को और बढ़ाया जा सके।

 श्री सुनील कहते हैं कि, मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना से मुझे आर्थिक सहायता के साथ पशुपालन को बेहतर तरीके से करने का मार्गदर्शन मिला है। इस योजना से मुझे अपने पैरों पर खड़े होने और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद मिली है। इसके लिए मैं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव जी का हृदय से धन्यवाद करता हूं।