*नीमच, मध्य प्रदेश 

 सुशासन की सरकार में कानून से ऊपर कोई नहीं है। इसका जीता-जागता उदाहरण नीमच के पुलिस अधीक्षक *राजेश व्यास* ने पेश किया है। रील्स में खुद को 'चुलबुल पांडे' और 'सिंघम' बताने वाले *डिकेन चौकी प्रभारी गजेंद्र सिंह चौहान* और उनके साथी *प्रधान आरक्षक सुरेश बोराना* को रविवार देर शाम तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।

*क्या था मामला*

6 अगस्त की रात डिकेन चौकी के भीतर 2 बेकसूर डंपर ड्राइवरों को बंधक बनाकर बेरहमी से पीटने और उनसे *50 हजार रुपये की घूस मांगने* का मामला सामने आया था। 

शिकायत के बाद शनिवार को भाजपा नेताओं के साथ पीड़ित ड्राइवर एसपी राजेश व्यास के पास पहुंचे थे। उन्होंने शरीर पर लगे *पट्टों के नीले निशान* दिखाए और पूरी आपबीती सुनाई।

*रविवार देर शाम गिरी गाज*

पीड़ितों की शिकायत पर गंभीरता से लेते हुए एसपी राजेश व्यास ने जांच के बाद रविवार देर शाम सस्पेंशन ऑर्डर पर हस्ताक्षर कर दिए। 

इस कार्रवाई में सिर्फ चौकी प्रभारी ही नहीं, बल्कि उनका साथ देने वाले *प्रधान आरक्षक सुरेश बोराना* को भी सस्पेंड किया गया है।

 

इस कड़े एक्शन के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

*SP राजेश व्यास का कड़ा संदेश*

सस्पेंशन के साथ ही एसपी ने पूरे जिले के पुलिस महकमे को दो-टूक संदेश दिया:

*"मध्य प्रदेश में जनता ही जनार्दन है। आम जनता के साथ किसी भी प्रकार की अभद्रता, दुर्व्यवहार या मारपीट किसी भी सूरत में, किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो भी कानून हाथ में लेगा या खाकी का दुरुपयोग करेगा, उसका अंजाम यही होगा।"*